Friday, 24 February 2023

एक लड़की थी

कड़कती धूप में पीपल की छांव सी,

धधकती आग में शीतल जल सी,

मुरझाए फूल की खिली कली सी,

एक लड़की थी जो बारिश में छाते की जगह नाचती, गाती ,भीगा करती थी,

एक लड़की थी जो मुश्किलों में भी हस्ती रहा करती थीं,

एक लड़की थी जो जीवन के मोह से परे थी,

एक लड़की थी जो सबसे अलग थी,

एक लड़की थी जो सबसे लड़ जाती थी,

मगर अब वो लड़ने से डरती है,

 मगर अब वो धूप में कड़कती है , आग में धधकती हैं,

मगर अब वो ज़िंदगी से लड़ती है। 

एक लड़की थी जो सबसे अलग थी,

मगर अब शायद सब जैसी ही लगती है।




Wednesday, 22 February 2023

वक्त

 वक्त की बात ही कुछ ऐसी है, कभी एक सा नही रहता,

ना अच्छा ना ही बुरा, वक्त बदलता जरूर है,

कभी ज़िंदगी में लड़ते लड़ते अगर ऐसा लगे ना कि अब वक्त साथ नही दे रहा, तो बस सब छोड़कर वक्त को थोड़ा वक्त देना,

सब सही पाओगे , कुछ वक्त बाद,

जिंदगी के पड़ाव में ऐसे यूंही बस चलाते रहना,

यही सीख मेरी मां ने मुझे दी थी

अब जब घर से दूर हूं, उनसे दूर हूं,

बस खुद को आईने में देख यही याद दिला दिया करती हु।